नागौर, 20 जून। राजस्थान वाणी, रमेश सिंह (प्रधान सपांदक)
जिले के श्रीबालाजी में शनिवार को आत्मा योजना के अंतर्गत किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को प्राकृतिक खेती, जैविक उत्पादन, बीज उपचार और सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर जागरूक किया।
सहायक निदेशक कृषि विस्तार शंकरराम सियाग ने कहा कि किसान अपने गांव में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों का अधिकतम उपयोग कर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दें। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती से जैविक एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उत्पादन संभव है, जिससे किसानों को बेहतर मुनाफा मिल सकता है। साथ ही प्राकृतिक कीटनाशकों का उपयोग कर फसलों को सुरक्षित रखते हुए गुणवत्तापूर्ण अनाज का उत्पादन किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती अपनाने से भूमि की उर्वरता और पर्यावरण सुरक्षित रहेगा तथा आने वाली पीढ़ियों को पौष्टिक और रसायन-मुक्त भोजन उपलब्ध हो सकेगा। रसायन रहित अनाज के सेवन से बीमारियों में कमी आएगी और अनावश्यक चिकित्सा खर्च भी कम होगा।
कृषि अधिकारी संतोष टोडावत ने किसानों को राज्य किसान साथी पोर्टल के माध्यम से कृषि विभाग की योजनाओं का घर बैठे लाभ उठाने की जानकारी दी। वहीं कृषि अधिकारी फुली यादव ने बताया कि आत्मा योजना के तहत किसानों को भ्रमण, प्रशिक्षण और प्रदर्शन कार्यक्रमों का लाभ दिया जाता है, जिसके लिए किसान अपना पंजीकरण करा सकते हैं।
सहायक कृषि अधिकारी मोहन सिंह ने कहा कि सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले बीज मिनीकिटों के माध्यम से किसान अपनी ग्राम पंचायत में बीज की गुणवत्ता का परीक्षण कर सकते हैं और अगले वर्ष के लिए बेहतर बीज तैयार कर उपयोग में ले सकते हैं।
कृषि पर्यवेक्षक देवेंद्र कुमार ने किसानों से खरीफ फसलों की बुवाई से पहले बीज उपचार करने की अपील करते हुए कहा कि इससे रोग एवं कीटों से होने वाली क्षति और लागत को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
इस अवसर पर ग्राम पंचायत श्रीबालाजी के सरपंच प्रतिनिधि बजरंग स्वामी सहित सैकड़ों महिला एवं पुरुष किसानों ने गोष्ठी में भाग लिया।
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