योग दिवस से पहले योग प्रशिक्षकों का सरकार को अल्टीमेटम, 3700 प्रशिक्षकों ने किया बहिष्कार का ऐलान
जनवाणी राजस्थान डिजिटल | जयपुर | 10 जून 2026
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से ठीक पहले राजस्थान के योग प्रशिक्षकों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अखिल राजस्थान योग प्रशिक्षक महासंघ (रजि.) के नेतृत्व में प्रदेशभर के करीब 3700 योग प्रशिक्षकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार को अंतिम चेतावनी दी है। प्रशिक्षकों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि उनकी मांगों पर योग दिवस से पहले सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 11 जून से 21 जून तक आयोजित होने वाली सभी योग गतिविधियों का बहिष्कार किया जाएगा।
फुल टाइम नियुक्ति और वेतनवृद्धि की मांग
महासंघ के प्रदेश संरक्षक डॉ. बी.एल. कुमावत ने बताया कि राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत राजस्थान में करीब 3700 महिला एवं पुरुष योग प्रशिक्षक पिछले पांच वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में महिला योग प्रशिक्षकों को मात्र 5,000 रुपये और पुरुष योग प्रशिक्षकों को 8,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है, जो वर्तमान महंगाई और उनकी जिम्मेदारियों की तुलना में बेहद कम है।
कई बार उठाई मांग, नहीं मिला समाधान
योग प्रशिक्षकों का कहना है कि वे पिछले पांच वर्षों से लगातार अपनी समस्याओं को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करते आ रहे हैं। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों, जिला कलेक्टरों और आयुर्वेद विभाग के अधिकारियों को कई बार ज्ञापन सौंपे हैं।
इसके अलावा दो बार बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन और प्रेस वार्ता भी आयोजित की गई, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।
योग दिवस कार्यक्रमों के बहिष्कार की चेतावनी
महासंघ ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के सफल आयोजन में योग प्रशिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं की लगातार अनदेखी कर रही है। इससे प्रदेशभर के प्रशिक्षकों में भारी नाराजगी है।
प्रशिक्षकों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि फुल टाइम नियुक्ति, वेतनवृद्धि और स्थायी पद सृजन की मांगों पर योग दिवस से पहले सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशभर के हजारों योग प्रशिक्षक योग दिवस कार्यक्रमों से दूर रहेंगे और व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।
योग प्रशिक्षकों की प्रमुख मांगें
- फुल टाइम योग प्रशिक्षकों के रूप में नियमित नियुक्ति।
- वर्तमान मानदेय में सम्मानजनक वेतनवृद्धि।
- योग प्रशिक्षकों के स्थायी पदों का सृजन।
- वर्षों से लंबित मांगों पर तत्काल निर्णय।
योग प्रशिक्षकों का संदेश
योग प्रशिक्षकों का कहना है कि अब उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि उनकी मांगों पर ठोस और सम्मानजनक निर्णय चाहिए। यदि सरकार ने समय रहते कदम नहीं उठाया तो अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।
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