जयपुर। ८ जुलाई २०२६,बाबूलाल कुमावत (राजस्थान वाणी)
जोबनेर। क्षेत्र के किसानों की निगाहें इन दिनों मानसून और कालख बांध पर टिकी हुई हैं। फिलहाल बांध में केवल थोड़ा-बहुत पानी पहुंचा है, जबकि पर्याप्त जलभराव का किसान बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। किसानों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होती है और बांध भरता है, तो पूरे क्षेत्र की खेती-किसानी को नया जीवन मिलेगा।
बांध में पर्याप्त पानी आने से सिंचाई के लिए जल उपलब्ध होगा, जिससे खरीफ एवं रबी दोनों फसलों को लाभ मिलेगा। साथ ही भूजल स्तर में सुधार होगा और आसपास के कुओं एवं ट्यूबवेलों में भी पानी की उपलब्धता बढ़ेगी। जोबनेर पीजी महाविद्यालय के वनस्पति शास्त्र विभाग के व्याख्याता बी. एल. कुमावत ने कहा कि कालख बांध क्षेत्र की जीवनरेखा है। इसके आसपास लगभग 5,000 लोगों की आबादी निवास करती है, जो मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर है। बांध के समीप बालाजी महाराज का पवित्र धार्मिक स्थल स्थित है, जहां वर्षभर श्रद्धालुओं का आगमन होता है तथा विभिन्न स्थानों से पदयात्राएं भी पहुंचती हैं। यहां सामूहिक भोजन-प्रसादी का आयोजन भी होता रहता है। इसके अलावा बांध क्षेत्र में बड़ी संख्या में वानर, गौवंश और नीलगाय सहित अन्य वन्य जीव भी रहते हैं, जिन्हें पर्याप्त पानी मिलने से लाभ होगा। प्रोफेसर कुमावत ने कहा कि फिलहाल बांध में पानी की आवक बहुत कम हुई है, लेकिन यदि आगामी दिनों में अच्छी वर्षा होती है और बांध भरता है, तो निश्चित रूप से किसानों के चेहरों पर मुस्कान लौट आएगी तथा पूरे क्षेत्र में खुशहाली का वातावरण बनेगा। ग्रामीणों और किसानों को अब आने वाली बारिश से काफी उम्मीदें हैं। उनका मानना है कि यदि इस वर्ष कालख बांध भर जाता है, तो खेती, पर्यावरण, पशुधन और स्थानीय धार्मिक गतिविधियों—सभी को इसका सकारात्मक लाभ मिलेगा।

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