40 वर्षों से लंबित भूमि विवाद का हुआ स्थायी समाधान, 30 सह-खातेदारों को मिला उनके हिस्से का कब्जा
राजस्थान सरकार के "प्रशासन गांव की ओर" अभियान के तहत आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर-2026 में नागौर जिले की ग्राम पंचायत सथाना कलां (तहसील रियांबड़ी) में लगभग 40 वर्ष पुराने भूमि विवाद का आपसी सहमति से सफल समाधान कर दिया गया।
राजस्व विभाग की पहल और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से सभी पक्षों को एक साथ बैठाकर संवाद स्थापित किया गया। आपसी समझाइश बनने के बाद मौके पर ही भूमि का विभाजन और सीमांकन कर विवाद का स्थायी निस्तारण कर दिया गया।
📌 क्या था मामला?
- कुल 8 मूल खसरों में दर्ज थी भूमि।
- भूमि का कुल रकबा लगभग 7 हेक्टेयर।
- 30 सह-खातेदार थे शामिल।
- करीब 40 वर्षों से भूमि विवाद लंबित था।
- विवाद के कारण स्वामित्व और उपयोग में लगातार परेशानी बनी हुई थी।
📌 शिविर में कैसे हुआ समाधान?
ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान राजस्व अधिकारियों ने सभी पक्षों को एक साथ बैठाकर सहमति बनाई। इसके बाद—
- मौके पर ही भूमि का सीमांकन किया गया।
- पुराने 8 खसरों का पुनर्गठन किया गया।
- कुल 15 नए स्वतंत्र खसरे तैयार किए गए।
- प्रत्येक सह-खातेदार को उसके हिस्से के अनुसार वास्तविक कब्जा दिलाया गया।
📌 भविष्य के विवाद रोकने के लिए विशेष व्यवस्था
भविष्य में किसी भी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो, इसके लिए सभी सह-खातेदारों के आने-जाने हेतु अलग रास्ते का भी राजस्व रिकॉर्ड में विधिवत अंकन किया गया।
📊 मुख्य बिंदु
✅ 40 वर्ष पुराना भूमि विवाद समाप्त
✅ 7 हेक्टेयर भूमि का विभाजन
✅ 30 सह-खातेदारों को मिला कब्जा
✅ 8 पुराने खसरों से बने 15 नए खसरे
✅ राजस्व रिकॉर्ड में अलग रास्ते का भी अंकन
ग्रामीणों ने जताया आभार
विवाद के समाधान के बाद सभी सह-खातेदारों ने प्रशासन, राजस्व विभाग एवं जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों ने ग्रामीण सेवा शिविर की त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए इसे आमजन के लिए लाभकारी बताया।
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