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15 अगस्त समारोह में दलित समाज के 2 लोगों को कुर्सी से उठाने का आरोप, 5 नामजद के खिलाफ FIR दर्ज

 

15 अगस्त समारोह में कुर्सी पर बैठे दलित समाज के दो लोगों को उठाने का आरोप, पांच लोगों के खिलाफ नामजद FIR

भीलवाड़ा/बागोर। भीलवाड़ा जिले के मांडल क्षेत्र के भाखलिया गांव में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान कथित जातिगत भेदभाव का मामला सामने आया है। आरोप है कि 15 अगस्त को राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में आयोजित समारोह के दौरान दलित समाज के दो लोगों को कुर्सी पर बैठने से आपत्ति जताते हुए कथित तौर पर जातिसूचक शब्द कहे गए और उन्हें कुर्सियों से उठाकर जमीन पर बैठने के लिए कहा गया। मामले में पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।




खाली कुर्सियों पर बैठे थे रामेश्वरलाल और गोपीलाल

पुलिस के अनुसार भाखलिया गांव निवासी अनुसूचित जाति समुदाय के रामेश्वरलाल बैरवा और गोपीलाल बैरवा 15 अगस्त को गांव के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में आयोजित स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में पहुंचे थे। प्राथमिकी में दर्ज शिकायत के अनुसार दोनों अन्य ग्रामीणों के साथ कार्यक्रम स्थल पर उपलब्ध कुर्सियों पर बैठे थे।

आरोप है कि इसी दौरान गांव के कुछ लोगों ने उनके कुर्सियों पर बैठने पर आपत्ति जताई और उन्हें कुर्सियों से उठने के लिए कहा। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि इस दौरान उनके साथ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कथित तौर पर गाली-गलौज की गई।

जमीन पर बैठने को कहा, जबरन उठाने का आरोप

शिकायत के मुताबिक, दोनों ग्रामीणों से कथित तौर पर कहा गया कि वे कुर्सियों पर कैसे बैठ सकते हैं और उन्हें जमीन पर बैठने के लिए कहा गया। आरोप है कि जब उन्होंने कुर्सी खाली करने से इनकार किया तो उन्हें डराया-धमकाया गया और कथित तौर पर जबरन कुर्सियों से उठा दिया गया।

पीड़ित पक्ष का कहना है कि यह घटनाक्रम स्कूल में मौजूद विद्यार्थियों, शिक्षकों और ग्रामीणों के सामने हुआ, जिससे उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमान और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा।

पांच लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट

मामले में पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की है। प्राथमिकी में बालू वैष्णव, हीरालाल शर्मा, नारायण जाट, रामेश्वर जाट और प्रकाश जाट के नाम बताए गए हैं। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है।

आंगनबाड़ी केंद्र को लेकर भी धमकी का आरोप

शिकायतकर्ताओं ने पुलिस को दिए बयान में यह भी आरोप लगाया है कि विवाद के दौरान आंगनबाड़ी केंद्र को बंद कराने की धमकी दी गई। उनका कहना है कि अनुसूचित जाति समुदाय की दो महिलाएं वहां आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के रूप में कार्यरत हैं। इस आरोप की भी पुलिस जांच कर रही है।

पहले भी सामने आया था समारोह को लेकर विवाद

इस मामले को लेकर 16 अगस्त को सामने आई एक रिपोर्ट में बताया गया था कि भाखलिया के सरकारी स्कूल में इस बार दलित समुदाय के दो लोगों को अतिथि के रूप में मंच पर बैठाए जाने को लेकर कुछ लोगों ने आपत्ति जताई थी। उस समय पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं होने की बात सामने आई थी और समुदाय की बैठक के बाद आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेने की बात कही गई थी। बाद में 18 अगस्त को पुलिस में FIR दर्ज होने की जानकारी सामने आई।

पुलिस जांच में सामने आएगा पूरा सच

मामले की जांच पुलिस उपाधीक्षक राहुल जोशी को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है। कथित घटना के वीडियो या अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा सकती है।

फिलहाल पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया है। कुर्सी से उठाने, जातिसूचक टिप्पणी, धमकी और अन्य लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही होगी। आरोपियों का पक्ष और जांच के निष्कर्ष सामने आना अभी बाकी है।

राजस्थान वाणी न्यूज की अपील: जातिगत भेदभाव और सामाजिक भेदभाव से जुड़े किसी भी मामले में तथ्य सामने आने तक सभी पक्षों की बात और पुलिस जांच को ध्यान में रखना जरूरी है।



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